sindhu ghati sabhyata in hindi

sindhu ghati sabhyata in hindi

Popular Study में आपको प्राचीन भारत के इतिहास ancient indian history के बहतरीन history notes उपलब्ध करवाएं जा रहे है जो आपके कठिन से कठिन प्रश्नों को आसान करने का दावा करता है इसी कड़ी में आज आपको sindhu ghati sabhyata in hindi के नोट्स दिए जा रहे है | अपने एग्रजाम की तैयारी के लिये बने रहे Popular Study के साथ |

सिंधु घाटी सभ्यता

समय –  2350 से 1750 तक 

भारतीय उपमहाद्वीप की पहली व्यवस्थित सभ्यता 

ये आध ऐतिहासिक काल में आती है  क्योंकिं  इसके  पुरातात्विक खुदाई के अवशेष भी मिले हैं और इसके अभिलेख और साहित्यिक स्रोत भी मिले हैं लेकिन उन साहित्यिक स्रोतों को  अब तक पढ़ा नहीं जा सका है ।

लिपि →  सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि भाव चित्रात्मक है इसमें 400 से 500 संकेत है जो कि ईटों मनकों  मोहरों और मृदभाण्डों पर खुदे हुए है । U अक्षर और मछली के चित्र ज्यादा मिले हैं। अधिकांश मोहरें सेलकड़ी की बनी हुई है ।

 लिखने का तरीका → 

                            सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि बाएं से दाएं ओर दाएं से बाएं की ओर दोनों ओर लिखी हुई है जिसे ब्रुस्ट्रोफेडन शैली कहते हैं ।

विभिन्न नदी घाटी सभ्यता 

  1.  हवांगहो नदी घाटी → चीन की सभ्यता ।
  2. सिंधु घाटी → हड़प्पा सभ्यता । 
  3. दजला फरात की घाटी →  मेसोपोटामिया या सुमेरियन सभ्यता (इराक)
  4.  नील नदी घाटी → मिस्र की सभ्यता 

हड़प्पा सभ्यता इन सभी में सबसे बड़ी व विकसित सभ्यता थी

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अध्यक्ष जॉन मार्शल के नेतृत्व में सबसे पहले दयाराम साहनी ने 1921 में हड़प्पा की खोज की और राखल दास बनर्जी ने 1922 में मोहनजोदड़ो की खोज की ।

sindhu ghati sabhyata in hindi

#picture of sindhu ghati sabhyata in hindi

इस सभ्यता का नामकरण 

हड़प्पा सभ्यता पहला शहर हड़प्पा मिलने के कारण

  1.  सिंधु सभ्यता अधिकतर शहर सिंधु नदी के आसपास होने के कारण
  2. सिंधु सरस्वती सभ्यता 
  3. सिंधु घाटी सभ्यता 
  4. कांस्य युगीन सभ्यता तांबा व टीन का प्रयोग ज्यादा होता था इसलिए 
  5. प्रथम नगरिया क्रांति नगरो का उदय

काल निर्धारण

रेडियो कार्बन विधि (कार्बन14) तीन चरणों में 

  • पूर्व हड़प्पा चरण → लगभग 3500 ईसा पूर्व से 2600 वर्ष पूर्व 
  • परिपक्व हड़प्पाई चरण → 2600 ईसा पूर्व से1900 ईसा पूर्व  
  • उत्तर हड़प्पाई चरण → 1960 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व 

परंतु कार्बन 14 विधि से इसका कालक्रम 2350 से 1750 ईसा पूर्व निर्धारित किया गया है जो सर्वाधिक मान्य है ।

अलग-अलग इतिहासकारों द्वारा इसका कालक्रम

  • सर मार्टिमर व्हिलर →  2500 से 1500 ईसा पूर्व तक 
  • डीपी अग्रवाल → 2350 से 1750 ईसा पूर्व तक 
  •  मैंके →  2800 से 2500 ईसा पूर्व तक
  •  जॉन मार्शल → 3250 से 1750

सिंधु सभ्यता की प्रजाति

  • प्रोटो ऑस्ट्रेलायड →  सिंध क्षेत्र में आने वाली प्रथम जाति 
  • भूमध्यसागरीय प्रजाति →  मेडिटेरियन दक्षिण भारत इस प्रजाति के अवशेष् मिले है । 
  • मंगोलॉयड →  हिमालय क्षेत्र की प्रजाति 
  • अल्पाइन →  मध्य गंगा  निम्न गंगा की प्रजाति । 

सिंधु घाटी सभ्यता के उद्भव के विभिन्न मत 

विदेशी मत →  मेसोपोटामिया से 

समर्थक इतिहासकार — माटीमर व्हीलर गार्डन चाइल्ड मैंके 

देसी मत → स्थानीय क्षेत्रों से

भौगोलिक विस्तार

 पहले 13 लाख वर्ग किलोमीटर था 

वर्तमान में 20 लाख वर्ग किलोमीटर है 

आजादी के बाद अधिकांश खुदाई भारत में गुजरात राज्य में 80% खुदाई हुई ।

  • इस का सबसे उत्तरी स्थल मांडा चिनाब नदी के पास जम्मू कश्मीर में स्थित है तथा  
  • दक्षिणी स्थल दैमाबाद गोदावरी नदी के पास महाराष्ट्र में स्थित है  
  • इसका सबसे पश्चिमी स्थल का सुत्कागेंडोर बलोचिस्तान पाकिस्तान  में तथा 
  • इसका सबसे पूर्वी क्षेत्र अलिमगिरपुर  उत्तर प्रदेश में स्थित है

हाल की खोजों के अनुसार राखीगढ़ी जो की हरियाणा में स्थित है सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा शहर है

हड़प्पा सभ्यता की विशेषताएं

 इसकी सबसे बड़ी विशेषता है इसका नगर नियोजन है  ।

1 .इसके नगर को दो भागों में बांटा हुआ था पश्चिमी भाग दुर्ग या टीले के नाम से जाना जाता था तथा पूर्वी  भाग निचले शहर के नाम से जाना जाता है इसका अपवाद धोलावीरा है जिसे तीन भागों में बांटा गया है उत्तर मध्य व निम्न

2. उसका पश्चिमी भाग को दुर्गीकृत किया गया था ।

  अपवाद :-

 चन्हूदड़ों  में कोई दुर्गीकरण नहीं है जबकि कालीबंगा में दोनों ही भागों को अलग-अलग दुर्गीकृत किया गया है ।

कालीबंगा को अमलानन्द घोष ने 1951 में खोजा था यहां पर खेती का प्रमाण मिला है अग्नि कुंड और वेदिकाए मिली है ।

लोथल में दोनों ही भाग एक साथ  दुर्गीकृत किए गए हैं इसकी खोज आर एस राव ने 1954 में की थी ।

 लोथल को लघु हड़प्पा लघु मोहनजोदड़ो कहते हैं यहाँ पर  गोदिवाडा मिला है या पर उत्कृष्ट जल प्रबंधन व्यवस्था थी यहाँ रंगाईकुण्ड  व अग्निकुंड मिले हैं ।

3. सिंधु घाटी सभ्यता के नगरों की सड़कें एक दूसरे को समकोण पर काटती थी ।

4. यहाँ के दरवाजे खिड़कियां गलियों में खुलते थे ना कि सड़क के सामने 

इसका अपवाद सिर्फ लोथल है जहां पर घरों के दरवाजे मुख्य सड़क की और खुलते थे ।

3. यहाँ के नगरों में जल निकासी की एकदम उत्तम व्यवस्था थी।

 इसका अपवाद बनावली में है जहां जल निकासी के साक्ष्य नहीं मिले हैं ।

4. यहाँ पर  पक्की ईंटों का प्रयोग होता था ।

सिंधु घाटी सभ्यता के सिर्फ कालीबंगा नगर में कच्ची ईंटों का प्रयोग हुआ है और चन्हुदरो में वक्राकार ईटों का प्रयोग किया गया  है

Popular Study में आपको प्राचीन भारत के इतिहास ancient indian history के बहतरीन history notes उपलब्ध करवाएं जा रहे है जो आपके कठिन से कठिन प्रश्नों को आसान करने का दावा करता है इसी कड़ी में आज आपको sindhu ghati sabhyata in hindi के नोट्स दिए जा रहे है | अपने एग्रजाम की तैयारी के लिये बने रहे Popular Study के साथ |

Leave a Comment