ancient indian history

ancient indian history | 1. पाषाण काल

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    ****** प्राचीन भारत का इतिहास [ancient indian history]******

→  प्रागैतिहासिक काल

                                   प्राचीन भारत के  इतिहास का वर्गीकरण 

1.प्रागैतिहासिक काल → पुरातात्विक साक्ष्य मिलते हैं  पर लिखित साक्ष्य नहीं मिलते हैं ।

जैसे:- औजार बस्ती अस्थियां आदि..।

 2. आद्य ऐतिहासिक काल → पुरातात्विक       साक्ष्य भी मिलते हैं और लिखित साक्ष्य   भी  परंतु लिखित साक्ष्यों को अभी तक पढ़ा नहीं जा सका ।

जैसे:- हड़प्पा सभ्यता..। 

 3. ऐतिहासिक काल → पुरातात्विक साक्ष्य और लिखित साक्ष्य दोनों प्राप्त होते हैं और उन्हें पढ़ा भी जा सकता है ।

 जैसे:-  बौद्ध जैन महाजनपद काल…।

प्रागैतिहासिक काल → ऐसा काल जिसके लिए लिखित साक्ष्य उपलब्ध ना हो सिर्फ पुरातात्विक साक्ष्यों पर ही निर्भर रहना पड़े ।

भारत में सर्वप्रथम 1863 ईस्वी में रॉबर्ट ब्रूस फुट ने पल्लवरम तमिलनाडु में पहला पूरा प्रागैतिहासिक उपकरण खोजा था  इसीलिए रॉबर्ट ब्रूस फुट को भारत में प्रागैतिहासिक खोजों का जनक कहा जाता है भारत के पुरातत्व विभाग के जनक अलेक्जेंडर कनिंघम है जो 1861 में पुरातत्व विभाग के महानिर्देशक बने थे और उस समय भारत के वायसराय लॉर्ड कैनिंग थे ।

भारत में सबसे पुराना पाषाण उपकरण बोरी महाराष्ट्र से प्राप्त हुआ है जो लगभग 14 लाख वर्ष पुराना है 

इतिहासकार थॉमसन ने डेनमार्क के कोपेनहेगन संग्रहालय की वस्तुओं के आधार पर प्रागैतिहासिक काल को तीन भागों में बांटा है 1.पाषाण काल 2.कांस्य युग और 3.लोहा युग 

फिर पाषाण काल को उन्होंने तीन भागों में बांटा है 

1.पुरापाषाण काल 

2.मध्य पाषाण काल 

2.नवपाषाण काल

         【A】 पुरापाषाण काल 

इसे भी तीन भागों में बांटा गया है :-

1.पूर्व निम्न पुरापाषाण काल 

2.मध्य पुरापाषाण काल और

3. उच्च पुरापाषाण काल

समय → लगभग 25 लाख  ईसा पूर्व से 10 हजार ईसा पूर्व तक ।

लक्षण → 

  • आखेटक या शिकारी 
  • खाद्य संग्राहक
  •  पशुपालन का ज्ञान नहीं था 
  • आग का ज्ञान था किंतु उपयोग का ज्ञान नहीं था ।

औजार →  क्वार्टरजाइट शल्क ब्लेड चापर-चॉपिंग  पेबल ।

हैंडेड उपकरण (मद्रास) हस्त कुठार कुल्हाड़ी ।

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स्थल → 

  •  अतिरमपक्कम तमिलनाडु (रॉबर्ट ब्रूस फुट )।
  • हथनौरा (मध्य प्रदेश नर्मदा घाटी) मानव खोपड़ी एवं कंकाल का पहला सबूत।
  •  भीमबेटका की गुफाएं (मध्य प्रदेश नर्मदा घाटी) गुफा चित्रकारी का प्राचीनतम सबूत ।
  • मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) औजार,अस्ति निर्मित मातृ देवी की प्रतिमा

     【B】मध्य पाषाण काल 

(1867 विद्वान सी एल कार्लाइल)

 समय →  10 हजार ईसा पूर्व से 4 हजार  ईसा पूर्व तक ।

 लक्षण → पशुपालन की शुरुआत (पहला पशु कुत्ता)

 औजार → माइक्रोलिथ (सूक्ष्म पाषाण उपकरण) ।

 स्थल → 

  • बागोर (राजस्थान )
  • आजमगढ़ (मध्य प्रदेश)

【 इन दोनों स्थलों से 5 हजार ईसा पूर्व में पशुपालन का पहला सबूत मिला 】

  • लोखहिया (इलाहाबाद,उत्तर प्रदेश) → 【सर्वाधिक मानव कंकाल】
  •  चौपानी मांडो (इलाहाबाद उत्तर प्रदेश) 【मृदभांड का प्राचीनतम स्थल】
  •  सराय नायर राय (प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश) 

【युद्ध का साक्ष्य, चार नर कंकाल एक साथ】 

  •  महदहा (प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश) 【मृगश्रृंग के छल्ले, हड्डियों का आभूषण ,स्त्री पुरुष युगल शवाधान】
  •  दमदमा (प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश)

【तीन नर कंकाल एक साथ,पांच युगल शवाधान】

   【C】नवपाषाण काल

 समय → 10000 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व तक ।

लक्षण → 

  • कृषि की शुरुआत (पहली फसल जो गेहूं चावल मक्का) ।
  •  स्थाई जीवन की शुरुआत।
  •  आग के उपयोग की जानकारी ।
  • कुंभकारी का ज्ञान ।
  •  पहिए का आविष्कार ।
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  औजार → स्लेट पत्थर के औजार

    स्थल → 

  •  मेहरगढ़ (बलूचिस्तान पाकिस्तान)

【7 हजार ईसा पूर्व का कृषि का साक्ष्य मिलता है । पालतू भेंस का सर्वप्रथम साक्ष्य】

  •  लुहारादेवी (संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश)

【 8000 ईसा पूर्व कृषि एवं चावल का साक्ष्य】

  •  कोल्डिहवा( इलाहाबाद उत्तर प्रदेश) 【6500 ईसा पूर्व चावल का साक्ष्य】
  • चिराद (सारण बिहार)

【हड्डियों के उपकरण 】

  • कश्मीर  

    ◆  बुर्जहोम 

अर्थ → जन्म स्थान 

【लोग गड्ढों में घर बनाकर रहते थे,शिकार वह मछली पालन,एक कब्र में मालिक के साथ कुत्ते दफनाने का साक्ष्य 】

       ◆ गुफकराल 

अर्थ →  कुमार की गुफा 

【कृषि और पशुपालन】

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